Metal Junk

यह धातु अपशिष्ट औद्योगिक इकाइयों, निर्माण परियोजनाओं, ऑटोमोबाइल सेक्टर, रेलवे, शिपिंग, पावर प्लांट्स, इलेक्ट्रिकल उपकरणों, घरेलू वस्तुओं तथा इंफ्रास्ट्रक्चर डिमोलिशन से बड़े पैमाने पर उत्पन्न होता है।

Metal Junk

Waste Service

मेटल जंक (Metal Junk), जिसे सामान्य भाषा में स्क्रैप मेटल (Scrap Metal) कहा जाता है, उन सभी प्रकार की धातु सामग्रियों को संदर्भित करता है जो अपने मूल उपयोग के बाद अनुपयोगी, क्षतिग्रस्त, पुरानी या अप्रचलित हो चुकी होती हैं, लेकिन पुनर्चक्रण (Recycling) के माध्यम से पुनः उपयोग में लाई जा सकती हैं। यह धातु अपशिष्ट औद्योगिक इकाइयों, निर्माण परियोजनाओं, ऑटोमोबाइल सेक्टर, रेलवे, शिपिंग, पावर प्लांट्स, इलेक्ट्रिकल उपकरणों, घरेलू वस्तुओं तथा इंफ्रास्ट्रक्चर डिमोलिशन से बड़े पैमाने पर उत्पन्न होता है।

मेटल जंक को मुख्य रूप से दो श्रेणियों में विभाजित किया जाता है:

1️⃣ फेरस मेटल जंक (Ferrous Metal Junk)

इस श्रेणी में वे धातुएँ आती हैं जिनमें लोहा (Iron) प्रमुख तत्व होता है, जैसे:

  • आयरन स्क्रैप

  • स्टील स्क्रैप

  • हेवी मेल्टिंग स्क्रैप (HMS)

  • कास्ट आयरन

  • स्ट्रक्चरल स्टील

2️⃣ नॉन-फेरस मेटल जंक (Non-Ferrous Metal Junk)

इनमें लोहे की मात्रा नहीं होती या बहुत कम होती है, जैसे:

  • तांबा (Copper)

  • एल्यूमिनियम (Aluminium)

  • पीतल (Brass)

  • जस्ता (Zinc)

  • सीसा (Lead)

  • निकेल (Nickel)


मेटल जंक के स्रोत (Sources of Metal Junk)

मेटल जंक विभिन्न सेक्टरों से उत्पन्न होता है, जैसे:

  • औद्योगिक मशीनरी व फैक्ट्री वेस्ट

  • बिल्डिंग डिमोलिशन स्क्रैप

  • पुराने वाहन (कार, ट्रक, बस)

  • रेलवे ट्रैक व वैगन

  • शिप ब्रेकिंग यार्ड

  • इलेक्ट्रिकल वायरिंग व केबल

  • घरेलू उपकरण (फ्रिज, वॉशिंग मशीन)

  • कृषि उपकरण

  • ऑयल रिफाइनरी व पावर प्लांट्स


संग्रहण एवं छंटाई प्रक्रिया

मेटल जंक को पुनर्चक्रण से पहले कई चरणों से गुजरना पड़ता है:

  1. Collection (संग्रहण) – विभिन्न स्रोतों से स्क्रैप एकत्रित किया जाता है।

  2. Segregation (छंटाई) – धातु प्रकार के अनुसार अलग किया जाता है।

  3. Cleaning (सफाई) – जंग, प्लास्टिक, रबर आदि हटाए जाते हैं।

  4. Cutting / Shearing – बड़े टुकड़ों को छोटे आकार में काटा जाता है।

  5. Shredding – मशीन से टुकड़े किए जाते हैं।

  6. Melting – भट्टियों में पिघलाया जाता है।

  7. Refining – शुद्धिकरण कर नई धातु बनाई जाती है।


मेटल जंक रीसाइक्लिंग के लाभ

  • प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण

  • लौह अयस्क खनन में कमी

  • ऊर्जा की 60–90% तक बचत

  • कार्बन उत्सर्जन में कमी

  • पर्यावरण प्रदूषण में कमी

  • उत्पादन लागत में कमी

  • सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा


औद्योगिक उपयोग

रीसाइकल्ड मेटल का उपयोग होता है:

  • स्टील निर्माण

  • ऑटोमोबाइल पार्ट्स

  • कंस्ट्रक्शन मटेरियल

  • पाइप व ट्यूब

  • मशीनरी पार्ट्स

  • शिप बिल्डिंग

  • रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर

  • इलेक्ट्रिकल उपकरण


वैश्विक व स्थानीय बाजार मूल्य

मेटल जंक का मूल्य निम्न कारकों पर निर्भर करता है:

  • धातु का प्रकार

  • शुद्धता

  • मोटाई

  • ग्रेड

  • अंतरराष्ट्रीय मेटल रेट

  • डिमांड-सप्लाई

भारत में मेटल स्क्रैप उद्योग तेजी से बढ़ रहा है और यह स्टील उत्पादन का महत्वपूर्ण कच्चा माल बन चुका है।

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